चीन ने मार दिए भारत के 158 जवान ,कहीं मोदी भक्ति में लीन मीडिया ने दबा तो नहीं दी ये खबर
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और डोकलाम विवाद को लेकर तनातनी चल रही है। चीन और भारत दोनों अपने रुख में परिवर्तन करने के लिए तैयार नहीं है। इस बीच खबर आ रही है कि चीनी सेना ने 158 भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी है और कई सामाजिक चिंतकों ने इस बात पर संदेह जताया है कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी की भक्ति में लीन भारतीय मीडिया ने इस खबर को दबा दिया हो।
भारतीय सेना ने किया खबरों का खंडन
भारतीय सेना के हवाले से कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी मीडिया द्वारा दिखाई जा रही खबर झूठी है। फिलहाल चीन ने इस तरह का कोई भई हमला नहीं किया है। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच सिक्किम सीमा पर कुछ दिनों से काफी तनाव चल रहा है। तनाव की वजह ये है कि चीन भूटान के डोकलाम इलाके में एक सड़क का निर्माण कर रहा है । चीन के इस निर्माण पर भूटान ने आपत्ति जताते हुए भारत का साथ मांगा है। चीनी सेना द्वारा इस सड़क के निर्माण पर आपत्ति जताते हुए भारत की सेना और चीनी सेना के बीच तनाव बढ़ गया है।
टीवी चैनला का कहना है कि इससे पहले भी ऐसे दोनों देशों में झड़प देखने में आई है। टीवी चैनल का कहना है कि विवाद की शुरआत भारत की ओर से की गई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए चीन ने भारतीय मोर्चा पर रॉकेट फायर किया।
भारतीय मीडिया पर पीएम मोदी की छवि बचाने के लगते रहे हैं आरोप
आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय मीडिया ने लगातार दावा किया था कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जीकल स्ट्राइक करके कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया पर पाकिस्तान लगातार इस खबर का खंडन करता रहा। पाकिस्तान के अलावा विदेशी मीडिया भी मोदी सरकार के सर्जीकल स्ट्राइक के दावे को नकारता रहा है।
कहीं पीएम मोदी को छवि को बचाने के लिए मीडिया इस खबर को छिपा तो नहीं रहा
जानकारों की माने तो यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव में राजनीतक लाभ लेने के मकसद से ही पीएम मोदी सरकार ने अपने मीडिया सहयोगियों के माध्यम से फर्जी सर्जीकल स्ट्राइक की अफवाह फैला दी ताकि चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ मिल सके। चुनाव में पीएम मोदी को इस राजनीतिक लाभ भी मिला।
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पाकिस्तान के समाचार चैनल के हवाले से आ रही है खबर दुनियां न्यूज ने दावा किया है कि चीनी सेना की ओर से किए गए रॉकेट अटैक में भारतीय सेना के 158 सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा सोमवार को हुए हमले में कई अन्य सैनिक घायल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी टीवी चैनल ने इस हमले से जुड़ी कुछ तश्वीरें भी अपनी वेबसाइट पर पोस्ट कर दी हैं।भारतीय सेना ने किया खबरों का खंडन
भारतीय सेना के हवाले से कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी मीडिया द्वारा दिखाई जा रही खबर झूठी है। फिलहाल चीन ने इस तरह का कोई भई हमला नहीं किया है। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच सिक्किम सीमा पर कुछ दिनों से काफी तनाव चल रहा है। तनाव की वजह ये है कि चीन भूटान के डोकलाम इलाके में एक सड़क का निर्माण कर रहा है । चीन के इस निर्माण पर भूटान ने आपत्ति जताते हुए भारत का साथ मांगा है। चीनी सेना द्वारा इस सड़क के निर्माण पर आपत्ति जताते हुए भारत की सेना और चीनी सेना के बीच तनाव बढ़ गया है।
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तनाव के इसी माहौल के बीच पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि चीन ने भारतीय चौकी पर हमला करके 158 जवानों की हत्या कर दी है।पाकिस्तानी टीवी चैनल ने दावा किया है कि सिक्किम मुद्दे पर भारत और चीन के बीच झड़प शुरू हो गई है। जिसके बाद चीन ने भारतीय मोर्चा पर रॉकेट हमले कर दिए। जिसमें भारतीय फौजों के 158 जवान मारे गए हैं। जबकि दर्जनों अन्य जवान घायल हो गए हैं।टीवी चैनला का कहना है कि इससे पहले भी ऐसे दोनों देशों में झड़प देखने में आई है। टीवी चैनल का कहना है कि विवाद की शुरआत भारत की ओर से की गई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए चीन ने भारतीय मोर्चा पर रॉकेट फायर किया।
भारतीय मीडिया पर पीएम मोदी की छवि बचाने के लगते रहे हैं आरोप
आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय मीडिया ने लगातार दावा किया था कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जीकल स्ट्राइक करके कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया पर पाकिस्तान लगातार इस खबर का खंडन करता रहा। पाकिस्तान के अलावा विदेशी मीडिया भी मोदी सरकार के सर्जीकल स्ट्राइक के दावे को नकारता रहा है।
कहीं पीएम मोदी को छवि को बचाने के लिए मीडिया इस खबर को छिपा तो नहीं रहा
जानकारों की माने तो यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव में राजनीतक लाभ लेने के मकसद से ही पीएम मोदी सरकार ने अपने मीडिया सहयोगियों के माध्यम से फर्जी सर्जीकल स्ट्राइक की अफवाह फैला दी ताकि चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ मिल सके। चुनाव में पीएम मोदी को इस राजनीतिक लाभ भी मिला।
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अब ये भी हो सकता है कि चीनी सेना ने हकीकत में भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी हो और भारतीय मीडिया इस खबर को दबा रहा हो ताकि पीएम मोदी की छवि इस खबर से धूमिल न हो जाऐ। आम लोगों में लगातार ये धारणा बनती जा रही है कि भारतीय मीडिया लगातार ऐसी खबरें फैला रहा है जो पीएम मोदी की छवि को नुकसान न पहुंचाती हो। भले ही ये खबरें झूठी ही क्यों न हों।




