आर्मी चीफ की वॉर्निंग के बावजूद कश्मीर में दिखे PAK के झंडे, आर्मी पर फेंके पत्थर
श्रीनगर. आर्मी चीफ बिपिन रावत की वॉर्निंग के बावजूद यहां नकाबपोश लोगों ने पाकिस्तान के झंडे लहराए और सेना पर पत्थर फेंके। श्रीनगर और बारामुला में शुक्रवार की नमाज के बाद सैकड़ों प्रोटेस्टर्स सड़कों पर आ गए। नौहट्टा चौक पर देश विरोधी नारेबाजी की गई और पाकिस्तान के झंडे लहराए गए। प्रोटेस्टर्स ने सिक्युरिटी फोर्सेस पर पथराव किया। हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बता दें कि आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर लोग ISIS और पाकिस्तान के झंडे दिखाकर आतंकवाद का ही साथ देंगे,तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं।एनकाउंटर वाली जगहों से पब्लिक को दूर रहने की हिदायत...
-कश्मीर में अधिकारियों ने पब्लिक को हिदायत दी है कि वो एनकाउंटर वाली जगहों से दूर ही रहे।
-बता दें कि ये फैसला आर्मी चीफ के बयान के एक दिन बाद आया है।
-ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन के मुताबिक,"श्रीनगर,बड़गाम और शोपियां में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगोें को एनकाउंटर वाली जगहों से दूर रहने की हिदायत दी है।"
-"लोगों की जान की हिफाजत के लिए उन्हें एनकाउंटर वाली जगहों की तरफ जाने और उन जगहों पर भीड़ लगाने से मना किया गया है।"
-"ये रिस्ट्रिक्शन एंबुलेंस,मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ,गवर्नमेंट इम्प्लॉई पर लागू नहीं होंगे।"
-"इन जिलों में एनकाउंटर या मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान उस जगह से तीन किलोमीटर के रेडियस में लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।"
आर्मी चीफ ने दी थी वॉर्निंग
-आर्मी चीफ ने बुधवार को कहा था कि अगर लोग ISIS और पाकिस्तान के झंडे दिखाकर आतंकवाद का ही साथ देंगे,तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं।
-उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों को एंटी-नेशनल माना जाएगा और उसी तरह ट्रीट किया जाएगा।
-आर्मी चीफ ने कहा कि एनकाउंटर के दौरान मिलिट्री ऑपरेशन में अड़ंगा डालने वाले टेररिस्ट वर्कर्स हैं और उन्हें उसी तरह से ट्रीट किया जाएगा। एनकाउंटर के दौरान बाधा पहुंचाने वालों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
आर्मी को क्यों देनी पड़ी हिदायत और वॉर्निंग
-दरअसल,14 फरवरी को बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर अंदर हंदवाड़ा में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इस पर सेना,सीआरपीएफ और पुलिस की सर्च टीम बनाई गई।
-मेजर सतीश दहिया की अगुआई में सीआरपीएफ टुकड़ी को भेजा गया।
-करीब 35 मिनट में पुरानी खंडहर हवेली में छिपे तीन आतंकियों को उन्होंने ढेर कर दिया गया।
-इसी दौरान लोकल लोगों ने टीम पर पथराव कर दिया। जिससे भीड़ की आड़ लेकर आतंकियों ने सेना पर गोलीबारी कर दी।
-आम लोगों की भीड़ होने के चलते मेजर सतीश ने फायरिंग करना ठीक नहीं समझा। लेकिन आतंकियों की तरफ से फायरिंग जारी थी।
-इसी दौरान मेजर सतीश दहिया के सीने में गोली लगी। इससे वे बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया,लेकिन ज्यादा खून बह जाने के चलते वे शाम करीब 7 बजे शहीद हो गए।
भटके युवाओं की काउंसिलिंग कर रही है पुलिस-DGP
-जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि घाटी के भटके हुए युवाओं की पुलिस काउंसिलिंग कर रही है।
-उन्होंने कहा,"युवाओं को एंटी-नेशनल सोच से दूर रखने और मुख्यधारा में शामिल करने के लिए पुलिस उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रही है।"
-"हमने कुछ बच्चों की पहचान की है और उनकी काउंसिलिंग की जा रही है,ताकि उन्हें आतंकवाद से दूर रखा जा सके। ये प्रोग्राम सभी 10 डिस्ट्रिक्ट में चलाया जा रहा है।"
-बता दें कि पुलिस को इन्फॉर्मेशन मिली थी कि पिछले साल कश्मीर में हुए प्रोटेस्ट के बाद 20 साल के करीब 100 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हो गए।
नागरिकों पर दबाव रहता है:CRPF
-CRPF ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर के कुछ इलाकों में लोकल नागरिकों पर आतंकवादियों का दबाव रहता है,जिसके चलते उन्हें आतंकियों की भागने में मदद करनी पड़ती है।
-CRPF के इंस्पेक्टर जनरल(ऑपरेशंस)जुल्फिकार हसन ने कहा कि ऑपरेशंस के दौरान सिक्युरिटी फोर्सेज को पथराव जैसी घटनाओं का सामना भी करना पड़ा,जिनसे ऑपरेशन को नुकसान पहुंचा।
-हसन ने कहा,"हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हमारे ऑपरेशंस के दौरान पब्लिक को किसी भी तरह का नुकसान ना पहुंचे।"
एक दिन में हुए थे दो एनकाउंटर
-बता दें कि नॉर्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बुधवार शाम हुई मुठभेड़ में सिक्युरिटी फोर्सेस ने एक रिहायशी मकान में छुपे तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।
-सेना के अधिकारी ने बताया कि मेजर एस दहिया इस एनकाउंटर में जख्मी हो गए,लेकिन बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया था।
-इससे पहले,मंगलवार सुबह बांदीपुरा जिले के हजिन इलाके के पर्रे मुहल्ले में एनकाउंटर हुआ था।
-गोलीबारी उस वक्त शुरू हुई,जब सिक्युरिटी फोर्सेस ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। इन्फॉर्मेशन मिली थी कि वहां टेररिस्ट छुपे हैं।
-मुठभेड़ के दौरा
-कश्मीर में अधिकारियों ने पब्लिक को हिदायत दी है कि वो एनकाउंटर वाली जगहों से दूर ही रहे।
-बता दें कि ये फैसला आर्मी चीफ के बयान के एक दिन बाद आया है।
-ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन के मुताबिक,"श्रीनगर,बड़गाम और शोपियां में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगोें को एनकाउंटर वाली जगहों से दूर रहने की हिदायत दी है।"
-"लोगों की जान की हिफाजत के लिए उन्हें एनकाउंटर वाली जगहों की तरफ जाने और उन जगहों पर भीड़ लगाने से मना किया गया है।"
-"ये रिस्ट्रिक्शन एंबुलेंस,मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ,गवर्नमेंट इम्प्लॉई पर लागू नहीं होंगे।"
-"इन जिलों में एनकाउंटर या मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान उस जगह से तीन किलोमीटर के रेडियस में लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।"
आर्मी चीफ ने दी थी वॉर्निंग
-आर्मी चीफ ने बुधवार को कहा था कि अगर लोग ISIS और पाकिस्तान के झंडे दिखाकर आतंकवाद का ही साथ देंगे,तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं।
-उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों को एंटी-नेशनल माना जाएगा और उसी तरह ट्रीट किया जाएगा।
-आर्मी चीफ ने कहा कि एनकाउंटर के दौरान मिलिट्री ऑपरेशन में अड़ंगा डालने वाले टेररिस्ट वर्कर्स हैं और उन्हें उसी तरह से ट्रीट किया जाएगा। एनकाउंटर के दौरान बाधा पहुंचाने वालों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
आर्मी को क्यों देनी पड़ी हिदायत और वॉर्निंग
-दरअसल,14 फरवरी को बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर अंदर हंदवाड़ा में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इस पर सेना,सीआरपीएफ और पुलिस की सर्च टीम बनाई गई।
-मेजर सतीश दहिया की अगुआई में सीआरपीएफ टुकड़ी को भेजा गया।
-करीब 35 मिनट में पुरानी खंडहर हवेली में छिपे तीन आतंकियों को उन्होंने ढेर कर दिया गया।
-इसी दौरान लोकल लोगों ने टीम पर पथराव कर दिया। जिससे भीड़ की आड़ लेकर आतंकियों ने सेना पर गोलीबारी कर दी।
-आम लोगों की भीड़ होने के चलते मेजर सतीश ने फायरिंग करना ठीक नहीं समझा। लेकिन आतंकियों की तरफ से फायरिंग जारी थी।
-इसी दौरान मेजर सतीश दहिया के सीने में गोली लगी। इससे वे बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया,लेकिन ज्यादा खून बह जाने के चलते वे शाम करीब 7 बजे शहीद हो गए।
भटके युवाओं की काउंसिलिंग कर रही है पुलिस-DGP
-जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि घाटी के भटके हुए युवाओं की पुलिस काउंसिलिंग कर रही है।
-उन्होंने कहा,"युवाओं को एंटी-नेशनल सोच से दूर रखने और मुख्यधारा में शामिल करने के लिए पुलिस उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रही है।"
-"हमने कुछ बच्चों की पहचान की है और उनकी काउंसिलिंग की जा रही है,ताकि उन्हें आतंकवाद से दूर रखा जा सके। ये प्रोग्राम सभी 10 डिस्ट्रिक्ट में चलाया जा रहा है।"
-बता दें कि पुलिस को इन्फॉर्मेशन मिली थी कि पिछले साल कश्मीर में हुए प्रोटेस्ट के बाद 20 साल के करीब 100 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हो गए।
नागरिकों पर दबाव रहता है:CRPF
-CRPF ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर के कुछ इलाकों में लोकल नागरिकों पर आतंकवादियों का दबाव रहता है,जिसके चलते उन्हें आतंकियों की भागने में मदद करनी पड़ती है।
-CRPF के इंस्पेक्टर जनरल(ऑपरेशंस)जुल्फिकार हसन ने कहा कि ऑपरेशंस के दौरान सिक्युरिटी फोर्सेज को पथराव जैसी घटनाओं का सामना भी करना पड़ा,जिनसे ऑपरेशन को नुकसान पहुंचा।
-हसन ने कहा,"हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हमारे ऑपरेशंस के दौरान पब्लिक को किसी भी तरह का नुकसान ना पहुंचे।"
एक दिन में हुए थे दो एनकाउंटर
-बता दें कि नॉर्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बुधवार शाम हुई मुठभेड़ में सिक्युरिटी फोर्सेस ने एक रिहायशी मकान में छुपे तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।
-सेना के अधिकारी ने बताया कि मेजर एस दहिया इस एनकाउंटर में जख्मी हो गए,लेकिन बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया था।
-इससे पहले,मंगलवार सुबह बांदीपुरा जिले के हजिन इलाके के पर्रे मुहल्ले में एनकाउंटर हुआ था।
-गोलीबारी उस वक्त शुरू हुई,जब सिक्युरिटी फोर्सेस ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। इन्फॉर्मेशन मिली थी कि वहां टेररिस्ट छुपे हैं।
-मुठभेड़ के दौरा



